नियमों की अनदेखी पर स्कूलों की मान्यता तक हो सकती है रद्द,
बिना सत्यापन या महिला अटेंडेंट के वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना
आगरा। हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुपालन में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 से 19 सितंबर तक ‘मिशन Safe Future 3’ चलाया जाएगा। अभियान के दौरान परिवहन विभाग के कर्मचारी विद्यालयों में पहुंचकर स्कूली वाहनों और सुरक्षा मानकों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। इसके लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की ओर से पत्र जारी कर जिलाधिकारी एवं कमिश्नर ऑफ पुलिस, जो जिला विद्यालय सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हैं,अभियान को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग की अपील की गई है।
अभियान के दौरान स्कूल बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। गंभीर अथवा लगातार लापरवाही पाए जाने पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
ड्राइवर-अटेंडेंट का पुलिस सत्यापन जरूरी
स्कूली वाहनों के चालक और अटेंडेंट का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बिना पुलिस सत्यापन अथवा बिना महिला अटेंडेंट के वाहन संचालित पाए जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बालिका विद्यार्थियों को ले जाने वाली प्रत्येक स्कूल बस में महिला अटेंडेंट की मौजूदगी अनिवार्य होगी। निरीक्षण के दौरान इसकी भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों में ‘स्कूल परिवहन यान समिति’ का गठन भी अनिवार्य किया गया है। समिति में संबंधित थाना प्रभारी (SHO) और नायब तहसीलदार पदेन सदस्य होंगे। सड़क पर संचालित कोई स्कूल बस अनफिट पाई जाती है तो संबंधित क्षेत्र के SHO की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
परिवहन विभाग के कर्मचारियों द्वारा 14 से 19 सितंबर तक विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की स्थिति जांची जाएगी। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना और लापरवाही बरतने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


