लेख-साहित्य
लेख-साहित्य
लेख-साहित्य
लेख-साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष-महिला सशक्तिकरण के बिना राष्ट्र की उन्नति की कल्पना निरर्थक
डॉ मुन्नालाल भारतीय (समाजसेवी)
लेख-साहित्य
पत्रकारिता के औघड़ बाबा दिनेश चंद्र वर्मा
जन्मदिन पर विशेष
लेख-साहित्य
कैसे मुक्त हों प्री वेडिंग शूट की बुराई से
पूरन चन्द्र शर्मा
लेख-साहित्य
‘स्व’ की अवधारणा को समझे और जीवन मेें धारण करेें - डाॅ. मनमोहन वैद्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह
यमुना की शुद्धि सहित पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
लेख-साहित्य
ब्रज साहित्योत्सव में इतिहास पुनर्लेखन और ब्रज भाषा के साहित्य पर प्रबुद्धों ने की चर्चा
कल दो सत्रों में अर्थशास्त्र और पर्यावरण पर होगी चर्चा, संघ के सह सरकार्यवाह डाॅ. मनमोहन वैद्य का मिलेगा मार्गदर्शन।
लेख-साहित्य
विचित्रवीर हनुमान मन्दिर, रुनकता पर कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का हुआ आयोजन
आगरा ब्राह्मण प्रोफेशनल एसोसिएशन एवं अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (महिला प्रकोष्ठ) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विचित्रवीर हनुमान मन्दिर, रुनकता पर कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ0 शशि गोयल ने की।
लेख-साहित्य
साल 2019: हिंदी साहित्य में इन 10 किताबों का रहा जलवा, रही सबसे ज्यादा लोकप्रिय और चर्चित
इन किताबों के चयन के आधार के बारे में लेखक और संपादक प्रभात रंजन ने कहा, 'इन पुस्तकों के चयन के आधारों में एक आधार लोकप्रियता रही. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखा गया कि किन किताबों की चर्चा अधिक हुई.
लेख-साहित्य
हिंदी का मुकाबला अंग्रेजी से नहीं, खुद हिंदी से ही है: प्रभात रंजन
हिंदी बोल्ड और ब्यूटीफुल हो गई है. हिंदी का नया पाठक कथेतर साहित्य पढ़ना चाहता है. आप अगर ध्यान दें तो हाल के वर्षों उपन्यासों के साथ साथ बड़ी तादाद में कथेतर साहित्य लिखा गया है, अलग अलग तरह के विषयों पर लिखा गया है और उनको पाठकों ने बहुत पसंद किया.
लेख-साहित्य
CM ममता बनर्जी को सम्मानित किए जाने के विरोध में लेखिका ने लौटाया पुरस्कार, कह दी बड़ी बात
राशिद बनर्जी ने कहा, '' मैं मुख्यमंत्री को साहित्य पुरस्कार देने के कदम से अपमानित महसूस कर रही हूं. यह एक बुरी मिसाल कायम करेगा."
लेख-साहित्य
चंद्रकांता शर्मा का लेख : मौजूदा दौर में बाल साहित्य
कहानी, उपन्यास, लेख और आलोचना साहित्य लिखने वाले लोग ही बाल साहित्य भी लिखते हैं, लेकिन वे इस बात से बेपरवाह हो जाते हैं कि बच्चों का साहित्य दर्जा कुछ ज्यादा नरमी की मांग करता है।
लेख-साहित्य
डॉक्टर फिरोज को छोड़िए, संस्कृत को मशहूर बनाने में इन मुस्लिम विद्वानों ने भी दिया है बड़ा योगदान, वेदों के ज्ञाता अमीर खुसरो तक शामिल
मुहम्मद बिन तुगलक को इतिहास में एक मूर्ख राजा के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनके शासनकाल में भी संस्कृत की दो अहम रचनाएं हुई थीं। ब्रिटिश इतिहासकार स्टेनले लेन पूले ने तुगलक को एक ज्ञानी आदमी करार दिया था।

