खाता बंद कराने बैंक पहुंची पत्नी, मैनेजर ने बताया पति ने छोड़ रखा है 20 लाख का सहारा
खाते में थे सिर्फ 12 हजार रुपये, रिकॉर्ड खंगाला तो खुला बीमे का राज
आगरा। पति की मौत के बाद जिंदगी की जमा-पूंजी समेटने और उनका बैंक खाता बंद कराने पहुंची पत्नी को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि बैंक से उसे ऐसा तोहफा मिलने वाला है, जो परिवार का भविष्य बदल देगा। खाते में महज करीब 12 हजार रुपये थे। पत्नी खाता बंद कराने की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बैंक पहुंची थी, लेकिन शाखा प्रबंधक ने जब खाते से जुड़ी योजनाओं का रिकॉर्ड खंगाला तो सामने आया कि मृतक पति ने महज एक हजार रुपये का प्रीमियम देकर 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करा रखा था। पति ने पत्नी को भी इसकी जानकारी नहीं दी थी। बैंक की पहल से अब परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिल गई है।
मंडी सईद खां निवासी परवेज ड्राइवर की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। 17 नवंबर 2025 को छत का लिंटर गिरने से हुए हादसे में उनकी मौत हो गई। परिवार का कमाने वाला सदस्य अचानक चला गया तो पत्नी तरन्नुम और परिजनों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पति की मौत के बाद तरन्नुम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेव का बाजार शाखा में उनका बचत खाता बंद कराने का फैसला किया।
तरन्नुम बैंक पहुंचीं तो शाखा प्रबंधक वीरेंद्र कुमार सिंह ने उनसे खाता बंद कराने की वजह पूछी। हादसे में पति की मौत की जानकारी मिलने के बाद मैनेजर ने केवल खाते में जमा रकम देखने के बजाय उससे जुड़ी बीमा और अन्य योजनाओं की भी जानकारी खंगालनी शुरू की। खाते में करीब 12 हजार रुपये ही थे, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में दर्ज एक जानकारी ने सबको चौंका दिया।
रिकॉर्ड के मुताबिक परवेज ने हादसे से करीब दो महीने पहले अगस्त 2025 में जनरल इंश्योरेंस कराया था। इसके लिए उन्होंने सालाना महज एक हजार रुपये का प्रीमियम जमा किया था। बीमा योजना में दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये का क्लेम निर्धारित था।
जब शाखा प्रबंधक ने तरन्नुम को बताया कि उनके पति ने 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करा रखा था, तो उन्हें पहले विश्वास ही नहीं हुआ। तरन्नुम के अनुसार, परवेज ने उन्हें बीमा के बारे में कभी नहीं बताया था। पति की मौत के बाद बैंक खाता बंद कराने पहुंची पत्नी के लिए यह जानकारी किसी अनपेक्षित सहारे से कम नहीं थी।
बैंक अधिकारियों ने परिवार को बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैंक के उप महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने तरन्नुम को 20 लाख रुपये का चेक सौंपा। चेक मिलते ही परिवार के लिए आर्थिक संकट के बीच उम्मीद की एक नई राह खुल गई।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में कब क्या अनहोनी हो जाए, इसका किसी को पता नहीं होता। ऐसे में परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए बीमा योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। छोटी रकम का प्रीमियम भी मुश्किल समय में परिवार को बड़ी आर्थिक सुरक्षा दे सकता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया कि जनरल इंश्योरेंस योजनाओं में सालाना एक हजार रुपये के प्रीमियम पर 30 लाख, दो हजार रुपये पर 40 लाख और तीन हजार रुपये के प्रीमियम पर 60 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम मिलता है। उन्होंने लोगों से बैंक की सुरक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी लेने और पात्र योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
इस मौके पर प्रखर शर्मा, अभिषेक शर्मा और अरविंद कुमार समेत बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
जब 12 हजार रुपये के खाते में छिपा था 20 लाख का सहारा
तरन्नुम बैंक में पति का खाता बंद कराने पहुंची थीं। उन्हें उम्मीद थी कि खाते में जमा करीब 12 हजार रुपये ही मिलेंगे और इसके बाद बैंक से उनका नाता खत्म हो जाएगा। लेकिन बैंक रिकॉर्ड की जांच ने कहानी ही बदल दी। पति द्वारा करीब दो महीने पहले कराया गया बीमा सामने आया और महज एक हजार रुपये के प्रीमियम ने परिवार को 20 लाख रुपये का सहारा दे दिया। पति भले ही साथ नहीं रहे, लेकिन उनके द्वारा लिया गया यह छोटा सा सुरक्षा कवच परिवार के मुश्किल वक्त में बड़ी ताकत बन गया।

