आगरा। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बावजूद थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सिकरौदा गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक प्रवीन ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने साजिश के तहत उसे घेरकर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला किया। घटना में घायल होने के बावजूद पुलिस ने न तो उसकी रिपोर्ट दर्ज की और न ही मेडिकल कराया। पीड़ित का आरोप है कि उसे करीब चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया।

पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में प्रवीन ने बताया कि मई 2026 में गांव के ही रविंद्र उर्फ भोलू के साथ उसका विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद  रविंद्र ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे धमकी दी थी। इसके बाद डर के कारण वह गांव छोड़कर आगरा में रहने लगा और कुछ समय पलवल में भी काम किया। करीब 3 महीने तक वह अपने गांव नहीं आया था।

रक्षाबंधन पर गांव आया था युवक

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प्रवीन ने बताया कि रक्षाबंधन पर वह गांव आया था। आरोप है कि इसी दौरान रविंद्र उर्फ भोलू और उसके बेटे जतिन ने उसकी हत्या की साजिश रची। गांव जिठवार निवासी गौरव, पंकज और अमन तथा सिकरौदा निवासी मोहित और रोहित समेत कुछ लोगों को इस साजिश में शामिल किया गया।

घात लगाकर किया हमला

पीड़ित का आरोप है कि 29 अगस्त की रात करीब आठ बजे वह गांव के मंदिर के पास से गुजर रहा था। तभी पहले से घात लगाए आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह मंदिर में घुस गया, लेकिन वहां से भी उसे बाहर निकालकर पीटा गया। इस दौरान जतिन द्वारा उसका मोबाइल फोन छीन लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्रवीन ने बताया कि मारपीट के बाद वह बेहोश हो गया। आरोप है कि हमलावर उसे मृत समझकर मौके से चले गए। घटना को गांव के श्याम बाबू समेत कई लोगों द्वारा देखे जाने का दावा किया गया है। पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि आरोपियों से उसे जान का खतरा है और वे कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं।

पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत

पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह थाना फतेहपुर सीकरी पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और मेडिकल भी नहीं कराया। अब उसने पुलिस कमिश्नर से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस संबंध में थाना पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।