कार्यक्रम में में विभिन्न एक्सपोर्टर कंपनियों द्वारा आलू उत्पादक किसान भाइयों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर हुआ आदान प्रदान तथा भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना व कोल्ड स्टोरेज (शीत गृह) के किराए/भंडारण शुल्क में राहत आदि के लाभार्थियों को किए गए चैक वितरण

योगी सरकार किसानों का मंडी शुल्क माफ पर भी कर रही विचार,आलू उत्पादक किसानों को सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी, सरकार उनके साथ खड़ी है- मा. उद्यान मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह

आगरा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र पेरु-लीमा की शाखा का भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से होगा शुभारंभ- मंत्री

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प्रदेश के आलू उत्पादक कृषकों द्वारा निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू की शत-प्रतिशत निकासी एवं उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु आलू का महा-सम्मेलन-किसानों को मिलेगा उनकी उपज का सही दाम


आगरा। आज शनिवार को आगरा में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निवेश व्यापार तथा कृषि निर्यात, उ०प्र० सरकार दिनेश प्रताप सिंह  ने विधायक फतेहाबाद  छोटे लाल वर्मा  की गरिमामई उपस्थिति में 02 दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता (B2B मीट) सम्मेलन का फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रैंड मर्क्योर में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। प्रदेश के आलू उत्पादक कृषकों द्वारा निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू का शीतगृहों से शत-प्रतिशत निकासी तथा आलू उत्पादक कृषकों को उनके उपज का समुचित मूल्य सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से 12 एवं 13 सितम्बर,को 02 दिवसीय आलू क्रेता विक्रेता (बी-टू-बी-मीट) का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों में प्रदेश में आलू विकास की योजनाओं एवं उनके सफल क्रियान्वयन, आलू उत्पादक किसान भाइयों को सहूलियतों हेतु मंथन किया गया, उ.प्र.राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन, एक्सपोर्टर तथा आलू उत्पादक किसान भाइयों ने भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीकी,विश्व बाजार तक पहुंच, मूल्य संवर्धन जैसे विभिन्न विषयों पर प्रथम दिन संवाद किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न एक्सपोर्टर कंपनियों द्वारा आलू उत्पादक किसान भाइयों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान प्रदान किया गया तथा भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना व कोल्ड स्टोरेज (शीत गृह) के किराए/भंडारण शुल्क में राहत आदि के लाभार्थियों को चैक वितरण किया गया। मा.मंत्री उद्यान, कृषि विपणन, कृषि निवेश व्यापार तथा कृषि निर्यात श्री दिनेश प्रताप सिंह जी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मा.मुख्यमंत्री श्री योगी जी की सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना लागू की है,इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार में आलू की कीमतें गिरने पर किसानों भाइयों को आर्थिक नुकसान से बचाना है, यदि आलू का बाजार भाव उत्पादन लागत से कम होता है, तो किसानों को लागत और बिक्री दर के अंतर के आधार पर अनुदान दिया जा रहा है इस योजना के लिए सरकार ने ₹1000करोड़ का भावांतर भुगतान कोष तैयार किया है. मा.उद्यान मंत्री महोदय ने अपने संबोधन में बताया कि इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज (शीत गृह) के किराए/भंडारण शुल्क में राहत देने के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है.सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को बाजार भाव गिरने पर राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष के अंतर्गत "निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना" शुरू की है। योजना के तहत ₹100 प्रति क्विंटल की दर से किसानों को कोल्ड स्टोरेज के किराए (भंडारण प्रभार) पर सब्सिडी (अनुदान राशि)दी जा रही है। उक्त हेतु किसान भाइयों को कोई परेशानी नहीं हो उसके लिए पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया भी सुनिश्चित की गई है,योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर,राहत राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजने का प्रावधान किया गया है सरकार ने गुणवत्तापूर्ण आलू बीज की खरीद पर किसानों को छूट देने का प्रावधान किया है,विभागीय या प्रमाणित आधारीय आलू बीज खरीदने पर किसान भाइयों को सहायता मिलेगी। मा. मंत्री जी ने बताया कि विभाग द्वारा रूफटॉप खेती को बढ़ावा देने हेतु भी योजनाएं संचालित की गई है सभी उनका लाभ उठाएं।जल्द ही जेवर एयरपोर्ट पर आलू एक्सपोर्ट की सरल प्रक्रिया व सर्टिफिकेशन हेतु भवन बनकर तैयार होगा, आलू उत्पादक किसान भाइयों को अधिक से अधिक राहत मिलेगी उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आपके साथ है, मा. मंत्री महोदय ने कहा कि योगी जी की सरकार किसानों का मंडी शुल्क माफ पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि आगरा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र पेरु-लीमा की शाखा का शुभारंभ भारत के मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों से होगा जिससे उच्च गुणवत्ता के आलू बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, और किसान भाइयों का गुणवत्तापूर्ण आलू विश्व बाजार में पहुंचेगा, यहां विभिन्न प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना होगी जिससे किसानों को अत्यंत लाभ प्राप्त होगा।
मा. मंत्री महोदय ने कहा कि आलू गरीब हो या अमीर सभी की खाने की थाली में शामिल है, आलू की उतार चढ़ाव भरी कीमत का असर किसान भाइयों पर न हो उस हेतु प्रदेश सरकार व उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से गंभीरता पूर्वक कार्य किया जा रहा है उन्होंने इस हेतु प्रदेश के आलू उत्पादकों को राहत देने को उड़ीसा राज्य सरकार के साथ बैठक सहित रूस,मलेशिया आदि देशों में आलू एक्सपोर्ट हेतु सरकार की तरफ से गंभीर प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि भारत के विभिन्न राज्यों में भी उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्यात की संभावनाओं को तलाशने हेतु भेजा गया है जिससे कि प्रदेश के आलू किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके उन्होंने आश्वासन दिया कि आलू उत्पादक किसानों को सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी, सरकार उनके साथ खड़ी है।मा. मंत्री महोदय ने अपने संबोधन में किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि वे औद्यानिक फसलों फूल, फल,सब्जी, मसालों की फसलों की तरफ बढ़ें यह ज्यादा लाभकारी है। कार्यक्रम में निदेशक श्री भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक श्री राजीव वर्मा, उ.प्र.कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल, धर्मपाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, अधीक्षक उद्यान रजनीश पांडे सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में एक्सपोर्टर, आलू उत्पादक किसान आदि मौजूद रहे।