समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रयासरत मलिन और पिछड़ी बस्तियों के इन युवाओं को उनके खोल से बाहर निकालते हुए इशिका ने उन्हें विभिन्न विषयों, मुद्दों, घटनाओं, एहसासों, दृश्यों और मन के भावों पर संवेदनशील तरीके से सोच-विचार करने के साथ-साथ उनको जुबान और कलम के माध्यम से अभिव्यक्त करना भी सिखाया।
इशिका ने लैपटॉप से स्क्रीन को कनेक्ट करके स्वनिर्मित स्लाइड्स के माध्यम से उदाहरण दे दे कर उन बच्चों को रचनात्मक कौशल के टिप्स दिए।
एक पहल के डायरेक्टर मनीष राय ने बताया कि इशिका बंसल द्वारा लगाई गई कार्यशाला का सुखद परिणाम यह रहा कि बच्चे अपने आसपास के एहसासों को समेट कर कविता और लेख लिखने लगे। उनकी सोच को पंख लग गए और विचारों को सृजन की भाषा मिल गई।
मनीष राय ने इशिका बंसल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक पहल को ऐसे युवाओं पर गर्व है जो अपने आसपास के जरूरतमंद बच्चों के समग्र विकास के लिए अपना समय, मेधा और ऊर्जा समर्पित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि इशिका बंसल वर्तमान में वुडस्टॉक स्कूल, मसूरी में राइजिंग सीनियर यानी 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। इशिका बंसल के दो काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और इन दोनों पुस्तकों पर आलोचनात्मक लेखों की एक पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। इशिका को अपने लेखन के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है।
एक माह की कार्यशाला में जरूरतमंद बच्चों को दिए अभिव्यक्ति के संस्कार
विवेकानंद यूथ अवार्डी मशहूर युवा अंग्रेजी लेखिका इशिका बंसल ने एक पहल में लगाई सृजन की पाठशाला आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित पुरस्कार विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित ताज नगरी की सुप्रसिद्ध युवा अंग्रेजी लेखिका इशिका बंसल ने एक विशेष स्वयं सेवा (समर प्रोग्राम) के तहत एक पहल स्कूल, दयालबाग में सोच और सृजन की निशुल्क पाठशाला लगाई। लगभग एक माह तक चली इस कार्यशाला में इशिका बंसल ने एक पहल बीआर मेमोरियल स्कूल में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक अध्ययनरत चुनिंदा 20 छात्र- छात
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