आगरा। आगरा नगर निगम में प्रशासनिक बदलाव के तहत नवागत मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। चार्ज लेते ही उन्होंने नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने और करदाताओं को बेहतर सुविधा देने को अपनी प्राथमिकता बताया।

जनपद हाथरस के गांव मरहारा सादाबाद के मूल निवासी शिवकुमार गौतम बने आगरा नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी

चार्ज लेने के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं भी बतायी

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आपको बता दें कि नवागत सीटीओ का सबसे पहले हाउस टैक्स के बकाया की वसूली पर विशेष फोकस है। बड़े बकायादारों को नोटिस और सख्त कार्रवाई उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि नए करदाताओं को जोड़ना शहर में छूटी हुई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का सर्वे कराकर उन्हें कर के दायरे में लाना पारदर्शिता और जनसुविधा ऑनलाइन भुगतान, बिल सुधार और शिकायत निस्तारण को आसान बनाना। करदाताओं को दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़े भी प्राथमिकता रहेगी

अब 27 वर्षों के अनुभव के साथ वे आगरा में राजस्व बढ़ाने और पारदर्शी कर व्यवस्था लागू करने का कार्य करेंगे।


मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिवकुमार गौतम ने यह भी बताया

नगर निगम प्रशासन के अनुसार शिवकुमार गौतम वर्ष 1999 में कर अधीक्षक के पद पर शासकीय सेवा में आए थे। सेवा का सफर कुछ इस प्रकार रहा 1999 से 2003 तक शिकोहाबाद नगर पालिका में तैनात रहे और वहां का चार्ज संभाला। 2003 से 2004 तक हापुड़ नगर पालिका में अपनी सेवाएं दीं। 2004 से 2012 तक अलीगढ़ में कार्यरत रहे। 2012 में कर निर्धारण अधिकारी के पद पर प्रमोशन के बाद बदायूं नगरपालिका में लगभग 1 वर्ष तक रहे। 2012 से 2018 तक गाजियाबाद नगर निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 2018 में गाजियाबाद नगर निगम से प्रमोशन पाकर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी बने। 2021 तक गाजियाबाद में कार्यरत रहने के बाद उनका ट्रांसफर मथुरा हुआ, जहां उन्होंने 2024 तक जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2024 से 2026 तक मेरठ में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रहे। 27 वर्षों के शानदार अनुभव के साथ संभालेंगे राजस्व वसूली की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि कर निर्धारण में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस भी होगा।

महापौर और नगर आयुक्त के दिशा-निर्देशों के अनुसार अगले 15 दिन में सभी जोनल अधिकारियों के साथ बैठक करके जल्द ही वसूली का लक्ष्य तय किया जाएगा।