• 3 लाख रूपये का प्रतिदिन पानी पी रहे थे शहर के पौधे 
  • कागजों में हरा-भरा शहर, आगरा ,धरातल पर कुछ नहीं 
  • नगर निगम पार्षदों ने कहा हुआ बड़ा भ्रष्टाचार, होनी चाहिए जांच 

आगरा। नगर निगम आगरा में आगामी12 जुलाई को होने वाले बृहद वृक्षारोपण की समीक्षा बैठक में विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि पौधों के रख-रखाव और पानी के लगाने के लिए करोड़ों उड़ाए गए, लेकिन शहर में पेड़ नजर नहीं आ रहे।

इससे पहले आपको बता दें कि 6 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण के संबंध में अपना उद्बोधन दिया था। आगरा नगर निगम के पार्षदों और नगर निगम के सभी अधिकारियों कर्मचारी को उपस्थित रहना था। नगर निगम के स्टाफ के न पहुंचने को लेकर वार्ड 47 के पार्षद निरंजन सिंह केम ने नाराजगी जताई थी।

आगरा नगर निगम वृक्षारोपण की समीक्षा बैठक में खुला घोटाला

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महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने बुधवार को 12 जुलाई के वृक्षारोपण कार्यक्रम को लेकर तत्काल समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में उद्यान विभाग के कारनामें सामने आए। भाजपा पार्षद दल के नेता प्रकाश केसवानी उर्फ शेरा भाई, पार्षद अनुराग चतुर्वेदी ने उद्यान विभाग के घोटाले की शुरुआत की और फिर यह सिलसिला यही नहीं रुका। बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह चाहर ने तो यहां तक कह दिया कि करोड़ों रुपए खर्च करके यह एक सेल्फी खींचाने का काम हो रहा है। जल्द से जल्द घोटाले का खुलासा होना चाहिए।

जनवरी 2025 से उद्यान विभाग नगर निगम के अधीन आया था। तब से अब तक लाखों पौधे लगाने का दावा किया गया, लेकिन धरातल पर सीन कुछ और ही दिखाई देता है।

महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा भाजपा और बसपा पार्षदों ने साधा निशाना

बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह चाहर

भाजपा पार्षद दल के नेता प्रकाश केसवानी और पार्षद अनुराग चतुर्वेदी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी और प्राइवेट कंपनी मिलकर नगर निगम को चूना लगा रहे हैं। वहीं बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह चाहर ने उद्यान विभाग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "पौधों को पानी देने के नाम पर हर महीने 90 लाख रुपये का घोटाला हो रहा है। 

90 लाख/माह जे के प्राइवेट नामक कंपनी को भुगतान, 11 करोड़ स्वाहा

पार्षदों ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों द्वारा  जे के प्राइवेट कंपनी को पौधों में पानी लगाने और रख-रखाव के नाम पर 90 लाख रुपये प्रति माह का भुगतान किया जा रहा है।

महापौर करेंगी जांच समिति गठित 
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "ये जनता के टैक्स के पैसे की खुली लूट है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने आगामी 1 हफ्ते में नगर आयुक्त के साथ समीक्षा बैठक रखी है। समीक्षा बैठक के दौरान आगरा में महापौर हेमलता दिवाकर ने अधिकारियों को इस बार पौधे लगाने में अहम सुझाव देते हुए कहा कि इस बार पौधे 5 फीट से लंबाई में कम  नहीं होने चाहिए प्रत्येक वार्ड के पार्षद को 100 पौधे दिए जाएंगे सितंबर माह तक प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग भी होगी। संबधित अधिकारी से बात करने कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी। 

आगे होगा क्या?

क्या नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में जांच समिति गठित होगी। पूर्व में जिओ टैगिंग के द्वारा लगाए गए पौधे की जाँच इस कामों में कितने लोग लगाए गए हैं। और उद्यान विभाग के इस अभियान के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ी है।

अब नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य और महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा की बैठक के बाद ही दोषियों पर कार्रवाई तय होगी।