व्यासपीठ से पूज्य संत स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी ने कथा के प्रथम दिन  अजामल चरित्र, धुंधकारी, गौकरण,विष्णुदूत चरित्र आदि कथाओं का भावपूर्ण प्रसंगो से अमृतपान कराया। 
कथा 13 अक्टूबर तक दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन होगी।
 पूज्य संत स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी ने कहा  श्रीमद् भागवत कथा श्रवण मात्र से ही  बड़े से बड़े विकार नष्ट हो जाते है और अक्षय पुण्य व परमानंद की प्राप्ति होती है।उन्होंने कहा जीवन के सार तत्व से साक्षात्कार करना चाहते हो तो निर्मल मन और स्थिर  चित्त से भगवत कथा सुनें।
  कलश यात्रा व कथा में श्री भानुदेवाचार्य, के के भारद्वाज, मुन्नालाल कुलश्रेष्ठ,रघुवीर दास दीक्षित,महावीर सिंह चाहर,सोमेश्वर दयाल दीक्षित,किशन स्वरूप लवानियां,राम प्रकाश शर्मा,जय दीप तिवारी,
मीरा दीक्षित,सोनाली कुलश्रेष्ठ,ऊषा लवानिया,मनोरमा तिवारी,कर्णिका,मोना,समीक्षा दीक्षित आदि प्रमुख सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं मौजूद रहे।