शिक्षा
ताज प्रेस क्लब के सहयोग से पं. प्रताप दीक्षित जयंती के तहत काव्य समारोह
आगरा। 'तुम्हारे पत्थरों से अब मेरे शीशे नहीं डरते, इन शीशों की किरचें रोज तुमको मुंह चिढ़ाएंगी।' ताजनगरी की लाड़ली कवयित्री डा. शशि तिवारी के तेवर जब इन कविताओं के जरिए बाहर आए तो श्रोताओं के हाथ खुल गए।

