आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने गुरुवार को आगरा के कालिंदी विहार स्थित नारी निकेतन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में रह रही महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नारी निकेतन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।निरीक्षण के समय अधिकारियों ने आयोग की अध्यक्ष को बताया कि वर्तमान में नारी निकेतन में तीन महिलाएं रह रही हैं। इनमें एक महिला पश्चिम बंगाल की, दूसरी कानपुर की और तीसरी औरैया जनपद की निवासी है। तीनों महिलाओं की परिस्थितियां अलग-अलग हैं और उनके मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अध्यक्ष बबिता चौहान ने बताया कि नारी निकेतन में रह रही महिलाओं का नियमित मेडिकल चेकअप कराया जाता है। उनके रहने, खाने, साफ-सफाई और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें सामान्य जीवन की ओर वापस लाने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और कानपुर की महिलाओं के परिजन फिलहाल उन्हें अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे मामलों में आयोग लगातार परिवारों से संपर्क बनाए हुए है और उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा है, ताकि महिलाओं को दोबारा अपने परिवार का साथ मिल सके। वहीं औरैया की रहने वाली महिला के मामले में राज्य महिला आयोग जल्द ही उसके परिजनों से बातचीत करेगा। आयोग का प्रयास रहेगा कि परिवार को समझाकर महिला को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक उसके घर भेजा जा सके। बबिता चौहान ने कहा कि राज्य महिला आयोग केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को किसी कारणवश परिवार का साथ नहीं मिल पा रहा है, उनके पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आयोग हर संभव प्रयास करेगा।निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नारी निकेतन में रह रही प्रत्येक महिला की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए और स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न आने दी जाए।