आगरा - आगरा के श्री दिगम्बर जैन पद्मावतीपुरवाल जनकल्याणकारी समिति द्वारा क्षमावाणी महोत्सव और परमपूज्य संत दिवाकर आचार्य श्री 108 विमल सागर जी महामुनिराज के जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मेधावी छात्रों से लेकर वरिष्ठजनों तक को सम्मानित किया गया। ये भव्य आयोजन आगरा के हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज के आचार्य श्री शांति सागर सभागार में रविवार, 11 अक्टूबर को किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और ध्वज गीत के साथ हुआ। इसके बाद भगवान की पूजन-अर्चना की गई और जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व क्षमावाणी का महत्व बताया गया। समाज के लोगों ने एक दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए "मिच्छामि दुक्कड़म" कहते हुए क्षमा मांगी।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। जैन धर्म के सिद्धांतों पर आधारित नाटक और भजनों ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर समाज का गौरव बढ़ाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज के वरिष्ठजनों, त्यागीव्रती महिलाओं और समाजसेवियों का भी शॉल और श्रीफल देकर अभिनंदन किया गया। इसे प्रतिभा सम्मान समारोह का नाम दिया गया था।
इस पूरे आयोजन में तीन संस्थाओं की मुख्य भूमिका रही - श्री दिगम्बर जैन पद्मावतीपुरवाल समाज, आगरा (रजि.), श्री दिगम्बर जैन पद्मावतीपुरवाल जनकल्याणकारी समिति, आगरा और श्री दिगम्बर जैन पद्मावतीपुरवाल महिला समाज, आगरा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष अवनि कुमार जैन ने की। इस दौरान उपाध्यक्ष सुशील कुमार जैन, मनोज कुमार जैन, कोषाध्यक्ष अजय कुमार जैन, महामंत्री सुनील कुमार जैन, मीडिया प्रभारी विप्लव जैन विमल परिवार, संयुक्त मंत्री रवि कुमार जैन, मंदिर मंत्री आदेश कुमार जैन, सहमंत्री ब्रजेश कुमार जैन, संगठन मंत्री सुनील कुमार जैन काका, प्रचार मंत्री शोभित कुमार जैन सहित संरक्षक मंडल के रमेश चंद्र जैन, पुष्पेंद्र कुमार जैन, सत्येंद्र कुमार जैन, शांत कुमार जैन, दीपक जैन, प्रमोद कुमार जैन मौजूद रहे।इसके अलावा सी.ए. अजय कुमार जैन, राजेश जैन, राज रतन जैन, मुकेश कुमार जैन, सुधीर कुमार जैन, अमित जैन, राजीव जैन, संजीव कुमार जैन, दिनेश कुमार जैन, अनुज जैन, राजीव प्रकाश जैन, प्रदीप कुमार जैन, विकास जैन, मनीष जैन, अनिल कुमार जैन समेत सैकड़ों परिवार शामिल हुए।
आयोजन के अंत में वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समाज बंधुओं ने एक साथ बैठकर भोजन किया और एकता का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ी रहती है।


