लेख-साहित्य
हिंदी का मुकाबला अंग्रेजी से नहीं, खुद हिंदी से ही है: प्रभात रंजन
हिंदी बोल्ड और ब्यूटीफुल हो गई है. हिंदी का नया पाठक कथेतर साहित्य पढ़ना चाहता है. आप अगर ध्यान दें तो हाल के वर्षों उपन्यासों के साथ साथ बड़ी तादाद में कथेतर साहित्य लिखा गया है, अलग अलग तरह के विषयों पर लिखा गया है और उनको पाठकों ने बहुत पसंद किया.

