धर्म-संस्कृति
रामधुन से गूंजा कथा पंडाल, बापू ने बताया ऋषियों की प्रतिष्ठा और मुनियों की निष्ठा का मर्म
‘बहारों फूल बरसाओ…’ कहकर बापू ने निंदक का महत्व समझाया, रामनाम को बताया हृदय की औषधिआगरा। “श्री गुरु चरण सरोज रज…” की रामधुन और “जय श्रीराम” के उद्घोष…






