कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता पीड़ित यानी अग्रीव्ड व्यक्ति नहीं थे, ये इस केस में जीत का बड़ा आधार बना। इसके अलावा राहुल गांधी ने जो कहा था, उसको तोड़ मरोड़कर कोर्ट में पेश किया गया। इसके अलावा भी कुछ बिंदु थे, जिनके आधार पर उन्होंने कोर्ट में केस लड़ा । उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी ने कोर्ट का धन्यवाद देते हुए सफ़ाई दी कि उन्होंने किसी को बदनाम करने की नीयत से ऐसा कुछ नहीं कहा था। काशी शुक्ला ने फैसले को चुनौती देने के याचिकाकर्ता के बयान पर कहा कि वो स्वतंत्र हैं और वो चुनौती देंगे तो हम ऊपर की अदालत में लड़ने के लिए तैयार हैं।
मानहानि मामले में बरी होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रामलीला मैदान में रैली पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने व्यापारियों के विरोध के बीच कहा, ''दिल्ली के हर व्यापारी से हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य. मोदी जी से कहिए ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा । Internet News

