आगरा- जैसा कि अवगत है मानसून आने वाला है और हर विभाग प्लांटेशन करता है, इसी कड़ी में दिनांक 12 जुलाई को प्रदेश में बृहद पौधा रोपण अभियान संचालित होगा।
उसी के संबंध में दिनांक 6 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वर्चुअल उद्वोधन निश्चित हुआ था जिसकी सूचना महापौर हेमलता दिवाकर ने पार्षदों को दी थी।  सूचना के आधार पर अधिकतर पार्षद कक्ष में उपस्थित हुए और सही समय पर उद्वोधन शुरू हुआ और पार्षदों ने सुना।
हैरानी की बात ये हुई कि उस समय कोई भी नगर निगम का अधिकारी मौजूद नहीं था। और ताले लगे हुए थे।
जब इसकी जानकारी पार्षद निरंजन सिंह कैम ने अधिकारियों से पूछा तो अधिकतर ने सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने इसे हल्के में लिया साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को सफल बनाने की जरूरत है जिन्होंने मुख्यमंत्री के उद्वोधन को हल्के में लिया है  इससे पार्षदों में नाराजगी है ।


पार्षद निरंजन सिंह कैम ने बताया कि 12 जुलाई को पूरे प्रदेश में पौधारोपण का कार्यक्रम था, जिसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का वर्चुअल संबोधन/मीटिंग होनी थी। नगर निगम के माध्यम से सूचना मिली थी कि सभी पार्षदों को शाम 6:30 बजे उपस्थित होना है। लेकिन, जब पार्षद वहां पहुंचे तो कार्यालय में ताले लगे थे।
​पार्षद का आरोप है कि नगर निगम के किसी उच्च अधिकारी या नगर आयुक्त के संज्ञान में यह कार्यक्रम नहीं था, या फिर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पार्षद ने यह बात सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम जी के सामने रखी, जिन्होंने इस मामले को महसूस किया और आश्वासन दिया कि आगे से ऐसा नहीं होगा।