शिक्षा
समाज को समरसता और चिंतन का बोध कराना पत्रकारिता की जिम्मेदारी है-डाॅ. सरवन बघेल
अखिल ब्रह्मांड के प्रथम पत्रकार माने जाने वाले देवर्षि नारद के जीवन चरित्र को हमें अपने मन में उतार कर स्वयं का चिंतन करना होगा। चिंतन के अभाव में ही समाजिक समरसता खत्म हो रही हैं

