धर्म-संस्कृति
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आगरा में ही किया था स्वामी श्रद्धानन्द ने आंदोलन का सूत्रपात,जानते है कौन हैं श्रद्धानन्द?
श्रद्धानन्द ने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को अपनाने पर दिया बल दो दिवसीय स्वामी श्रद्धानन्द के बलिदान दिवस समारोह की हुई शुरुआत
राष्ट्रीय
हाथों में निशान-जुबां पर जय श्री श्याम, श्याम प्रेमियों ने निकाली निशान यात्रा
महाराजा अग्रसेन भवन में होगा प्रख्यात गायक संजू शर्मा, शिवम् रूपम और रजनी राजस्थानी का अखण्ड संकीर्तन श्याम नाम की मेहंदी आज
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मोबाइल ने खत्म कर दी अतिथि भाव की परंपरा-जैन मुनि मणिभद्र
आगरा 7 अगस्त। संसार में सबसे दुर्लभ कार्य है निस्वार्थ भावना से दान देना। देने वाला दाता और पाने वाला पाता होता है। यदि देने वाला अंहकार से भरा हुआ हो और लेने वाला संतुष्ट नहीं हो, उसे लोभ हो तो फिर दान देने का कोई लाभ नहीं है। यदि दाता और पाता पवित्र भावना वाले हों तो दोनों ही मोक्ष को प्राप्त करते हैं। यह प्रवचन रविवार को राजामंडी स्थित जैन भवन, स्थानक में नेपाल केसरी व मानव मिलन परिवार के संस्थापक जैन मुनि डॉ.मणिभद्र महाराज ने दिए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म अतिथि सेवा का विशेष महत्व है। जिस

