आगरा: विश्व विख्यात और आस्था के केंद्र, प्राचीन श्री कैलाश मंदिर की पवित्रता और ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए मंदिर का महंत परिवार एकजुट हो गया है। हाल ही में मंदिर परिसर में एक सदस्य द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर 12 शिवलिंगों की स्थापना की घोषणा और भूमि पूजन के बाद उपजे विवाद के बीच, महंतों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की मूल संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगरा स्थित श्री कैलाश मंदिर भगवान शिव की असीम कृपा का स्थान है, जहाँ की सबसे बड़ी विशिष्टता एक ही जलहरी में दो शिवलिंगों का होना है ऐसी संरचना अन्यत्र दुर्लभ है। सैकड़ों वर्षों से मंदिर की सेवा का दायित्व महंत परिवार के हाथों में है, जो पूरी निष्ठा से इसका निर्वहन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 'कैलाश कॉरिडोर' की घोषणा की गई है। इस दिशा में मंदिर के द्वार, मोनी बाबा आश्रम पर घाट और सत्संग भवन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। महंतों ने शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वे संपूर्ण परिसर के सुनियोजित विकास के पक्षधर हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान महंतों ने एक स्वर में कहा कि मंदिर परिसर में किसी भी महंत को अपनी व्यक्तिगत पहचान या निजी मंदिर स्थापित करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा मामला संज्ञान में आते ही उच्च अधिकारियों ने निर्माण संबंधी कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है, जिसका महंत परिवार ने समर्थन किया है।
महंत परिवार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्तिगत मंदिर बनाना चाहता है, तो उसे मंदिर परिसर से बाहर भूमि लेकर निर्माण करना चाहिए, जिस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी। यदि मंदिर परिसर के भीतर ही कोई नया निर्माण होता है, तो वह किसी की 'व्यक्तिगत संपत्ति' न होकर कैलाश मंदिर का ही एक अभिन्न अंग होगा और उसमें सभी महंतों की सहमति एवं सहयोग अनिवार्य होगा।
प्रेसवार्ता में प्रमुख रूप से महंत सुभाष गिरि, महंत निर्मल गिरि, महंत सतीश गोस्वामी, महंत दिलीप गिरि, महंत सोमेश गिरि, महंत राजकुमार गिरि, महंत केशव गिरि, महंत विजय गिरि, महंत सचिन गोस्वामी, महंत धर्मेंद्र गिरि और महंत भीम गिरि सहित अनेक सेवादार मौजूद रहे।

