बैंक में लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत का आरोप, टोरेंट पावर की देरी से सब्सिडी अटकने का दावा

आगरा -पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरों पर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलर सिस्टम लगवाने के लिए बैंक से लोन लेने वाले ग्राहकों का आरोप है कि बिना गारंटी मिलने वाले लोन को स्वीकृत करने के नाम पर कुछ बैंक शाखाओं में सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है।
सोलर वेंडरों के अनुसार जिले में 1200 से अधिक वेंडर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य कर रहे हैं। तीन किलोवाट का ऑनग्रिड सोलर सिस्टम करीब 1.70 लाख रुपये और हाईब्रिड सिस्टम करीब दो लाख रुपये तक का पड़ता है। सरकार की ओर से पात्र उपभोक्ताओं को प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
सोलर कंपनी के मैनेजर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई उपभोक्ता आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बैंक लोन का सहारा लेते हैं। योजना के तहत दो लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन आरोप है कि कुछ जगहों पर लोन स्वीकृत कराने के नाम पर पांच से दस हजार रुपये तक की मांग की जाती है।

टोरेंट पावर की देरी से अटक रही सब्सिडी, मीटर के इंतजार में उपभोक्ता परेशान

सोलर सिस्टम लगने के बाद उपभोक्ता की फाइल टोरेंट पावर के पास भेजी जाती है, जहां टीम द्वारा सर्वे किया जाता है। उपभोक्ताओं और वेंडरों का आरोप है कि सर्वे प्रक्रिया में कई दिन लग जाते हैं और इसके बाद मीटर लगाने के लिए कोटेशन जारी किया जाता है।
आरोप है कि कोटेशन का भुगतान करने के बाद भी मीटर लगाने में 15 दिन से अधिक समय लगा दिया जाता है। उपभोक्ता कार्यालय और हेल्पलाइन पर शिकायत करते हैं तो उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिलता है, लेकिन मौके पर देरी जारी रहती है।
मीटर नहीं लगने के कारण सोलर वेंडर सब्सिडी के लिए पोर्टल पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाते, जिससे उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलने में देरी होती है। जिन लोगों ने बैंक से लोन लेकर सोलर प्लांट लगवाया है, उन्हें सब्सिडी आने में देरी के कारण अतिरिक्त ब्याज का भार उठाना पड़ रहा है।

विज्ञापन

उपभोक्ताओं की मांग- सोलर योजना में तय हो समय सीमा, देरी पर हो कार्रवाई

उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार को पीएम सूर्य घर योजना के तहत पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करनी चाहिए। टोरेंट पावर को सर्वे और मीटर लगाने के लिए निश्चित समय दिया जाए, वहीं सोलर वेंडरों के लिए भी सिस्टम लगाने की समय सीमा निर्धारित हो।
समय पर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित संस्थाओं के खिलाफ जिम्मेदारी तय की जाए, जिससे योजना का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके और लोन लेकर सोलर प्लांट लगवाने वाले उपभोक्ताओं को ब्याज व सब्सिडी में देरी का नुकसान न उठाना पड़े।

रिश्वत या अनियमितता की शिकायत यहां करें
पीएम सूर्य घर योजना सहित किसी भी योजना में रिश्वत मांगने, लोन पास कराने के नाम पर अनियमितता या किसी भी प्रकार की परेशानी की शिकायत उपभोक्ता लिखित शिकायती पत्र या सोशल मीडिया (ट्वीट) के माध्यम से कर सकते हैं।
शिकायत के लिए संबंधित विभागों में यूपी नेडा, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, संबंधित बैंक के उच्च अधिकारी, सीबीआई, विजिलेंस एवं एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया जा सकता है।