लाखों का डीजल फूंकने के बाद भी डूबा आगरा, 30 मिनट बारिश में 4 घंटे जलभराव
नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं, मशीनें चल रही 4 महीने से - पार्षद पति का हमला
वीआईपी रोड पर निकले जहरीले कीड़े, नगर निगम की लापरवाही आई सामने
आगरा। आगरा नगर निगम का सफाई विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। महीने में लाखों रुपये का डीजल खर्च होने के बाद भी शहर के नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं हो पाई। नतीजा यह हुआ कि 30 मिनट की बारिश में ही शहर का जयपुर हाईवे शंकरगढ़ पुलिया वीआईपी क्षेत्र भयंकर तरह से जलमग्न हो गया।
आपको बता दें कि बीते दिनों सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने दो दिन शहर में प्रवास किया था। यदि शहर की हकीकत मुख्यमंत्री को पता लग जाती तो स्थिति कुछ और होती। मंगलवार को हुई मात्र आधा घंटे की बारिश ने शहर को लबालब कर दिया और आगरा नगर निगम की तलीझाड़ सफाई को फिर से चुनौती दे डाली। यही नहीं रामनगर वार्ड 18 के बसपा पार्षद पति किशन भास्कर ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रतिबंधित प्लास्टिक से नाले चौक हो रहे हैं, दूसरी ओर बहुत समय से नालों में जमी सिल्ट में नालों में भरे पानी को एकदम से रोक दिया

पार्षद पति किशन भास्कर का कहना है कि नगर निगम की सफाई मशीनें पिछले चार महीने से लगातार चल रही हैं, बावजूद इसके सड़कों पर चारों ओर पानी ही पानी है।
वीआईपी जयपुर हाईवे, शंकरगढ़ की पुलिया रोड पर मंगलवार को हुई 30 मिनट की बारिश के बाद पूरा क्षेत्र शराबोर जलमग्न हो गया। करीब 4 घंटे तक पानी भरा रहा। गंदे पानी के साथ नालों में पनप रहे जहरीले कीड़े भी बाहर निकल आए।
पार्षद पति किशन भास्कर ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के सफाई निरीक्षक और जेडएसओ क्षेत्र में नालों की सफाई की ओर ध्यान नहीं दे रहे। नालों की सफाई न होने से सिर्फ जलभराव ही नहीं, लाइलाज बीमारियों को भी न्योता मिल रहा है।

यही नहीं सड़कों पर भारी जलभराव की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। नालों की सफाई न होने से पार्षदों में भारी रोष है और क्षेत्रीय पार्षदों को जनता के ताने सुनने पड़ रहे हैं।

