• भगवान शिव के प्रति लोगों में है भारी आस्था आगरा नगर निगम में परिक्रमा से पहले ही कर ली संपूर्ण तैयारी
  • सफाई व्यवस्था हो या जलआपूर्ति की व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था या शिवमंदिरों को सुंदर दिखने की व्यवस्था आगरा नगर आयुक्त किसी व्यवस्था में नहीं देखना चाहते लापरवाही
  • आगरा शहर के चारों कोनो पर स्थित है भगवान शिव के मंदिर, सावन के महीने में भोलेनाथ के भक्तों को नगर आयुक्त दे रहे सौगात
  • परिक्रमा मार्ग, बल्केश्वर और कैलाश मंदिर का किया निरीक्षण, घाटों पर बैरिकेडिंग व सफाई के दिए निर्देश

आगरा। श्रावण मास में शिव मंदिरों पर लगने वाले मेलों और कांवड़ यात्रा को लेकर नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार दोपहर बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और परिक्रमा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने परिक्रमा मार्ग, बल्केश्वर मंदिर, यमुना घाटों तथा कैलाश मंदिर का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को परिक्रमा मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, क्षतिग्रस्त सड़कों पर तत्काल पैचवर्क कराने तथा वन विभाग के समन्वय से सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए इन मार्गों से गुजरेंगे, इसलिए कहीं भी अव्यवस्था नहीं दिखनी चाहिए। 

यमुना घाटों का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मंदिरों से सटे घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग लगाने, फिसलन वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों की नियमित सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया। बल्केश्वर और कैलाश मंदिर पहुंचकर नगर आयुक्त ने मंदिर प्रबंधन समिति और पुजारियों से बातचीत की तथा मेले के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर निगम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से उपलब्ध कराएगा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल, मोबाइल शौचालय, सफाई, कूड़ा उठान और अन्य नागरिक सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाए, ताकि सावन मेले और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।