CCTV में कैद मौत का मंजर! LPG टैंकर बना आग का गोला, 4 की दर्दनाक मौत! गैस टैंकर हादसे का खौफनाक
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में 26 जून को हुए भीषण एलपीजी गैस टैंकर हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में तेज रफ्तार टैंकर के डिवाइडर से टकराने, गैस रिसाव और फिर कुछ ही सेकंड में आग के गोले में तब्दील होने का भयावह मंजर कैद हुआ है। इस हादसे में अब मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जबकि दो लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। देखिए यह रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून की सुबह हुआ एलपीजी गैस टैंकर हादसा आज भी लोगों के जहन में ताजा है। अब इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने दुर्घटना की भयावहता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
सीसीटीवी वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कानपुर से वाराणसी की ओर जा रहा एलपीजी गैस से भरा टैंकर तेज रफ्तार में कोखराज टोल प्लाजा के पास पहुंचता है। अचानक टैंकर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा जाता है।
टक्कर इतनी जबरदस्त होती है कि टैंकर से गैस का तेज रिसाव शुरू हो जाता है। कुछ ही पलों में गैस पूरे इलाके में फैल जाती है। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, टैंकर भीषण आग का गोला बन जाता है। आग इतनी तेजी से फैलती है कि आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं।
हादसे में टैंकर चालक धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन से बाहर नहीं निकल सके और जिंदा जल गए। पुलिस ने बाद में उनकी पहचान मिर्जापुर निवासी के रूप में की।
इस भीषण आग की चपेट में टोल प्लाजा के कई कर्मचारी भी आ गए। गंभीर रूप से झुलसे पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान सबसे पहले टोल कर्मचारी आलोक सिंह ने दम तोड़ दिया। इसके बाद हीरामणि सिंह और कृष्णपाल मौर्य की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर चार हो चुकी है।
वहीं, दो अन्य घायल कर्मचारी—अतुल कुमार मिश्रा और अनिल—का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए है।
कोखराज थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी तरह की तकनीकी या मानवीय लापरवाही थी।
यह हादसा खतरनाक ज

