वसुधा क्लाइम केयर फाउंडेशन की कार्यकारिणी घोषणा ,पर्यावरण संरक्षण हेतु सेवा प्रकल्प मिशन हुआ शुरू
पर्यावरण संरक्षण सँग जानलेवा कार्बन से राहत हेतु बाँटेंगे 09 हजार तुलसी के पौधे
मानव का दम घोंट रहा कार्बन, जागरूकता के साथ रोकथाम जरूरी: संगीता दुबे
तुलसी का पौधा हर मानव के लिए औषधि है, यह अकेला पौधा है जिसे ' मदर मेडिसिन ऑफ नेचर' या ' द क्वीन ऑफ हर्ब्स' कहा जाता है जो हमारे आसपास के वातावरण की हानिकारक वायु को शुद्ध करता है: दीपक श्रीवास्तव
*लफरमान खान ( संवाददाता की रिपोर्ट )
आगरा। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा जरूरतमंदों की सेवा व जागरूकता अभियानों के लिए बुधवार को संजय प्लेस स्थित होटल मेट्रो में सामाजिक संस्था वसुधा क्लाइम केयर फाउंडेशन की कार्यकारिणी घोषित की गई। पदाधिकारियों का स्वागत किया गया।
अध्यक्ष संगीता दुबे, महासचिव दीपक श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष रेखा सारस्वत, संयुक्त सचिव निहारिका शर्मा, कोषाध्यक्ष विख्यात अग्रवाल, मीडिया प्रभारी मिथिलेश, स्वयंसेवक प्रमुख आश्रय जैन और कार्यकारिणी सदस्य हरीश, डॉ. एके मिश्रा व अनमोल* ने तुलसी के पौधों के साथ पोस्टर जारी करके पर्यावरण संरक्षण के अनूठे सेवा- प्रकल्प 'मिशन 9000' का शुभारंभ किया।
अध्यक्ष संगीता दुबे ने इस अवसर पर कहा कि कार्बन मानव का दम घोंट रहा है। इस क्षेत्र में जागरूकता के साथ रोकथाम जरूरी है। उन्होंने बताया कि एक कार 300 किलोमीटर चलने पर जितना कार्बन वातावरण में छोड़ती है, उसकी रोकथाम के लिए 9000 तुलसी के पौधे चाहिए। 9000 तुलसी के पौधों से 4.5 टन कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम की जा सकती है। इसलिए मिशन 9000 शुरू किया गया है।
इस अवसर पर *महासचिव दीपक श्रीवास्तव* ने कहा कि तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं, यह भारत की संस्कृति और स्वस्थ साँसों का संगम है। तुलसी का पौधा हमारे आसपास के वातावरण की हानिकारक वायु को शुद्ध करता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं..
तुलसी के इसी महत्व को ध्यान में रखकर ही वसुधा क्लाइम केयर फाउंडेशन द्वारा तुलसी-पौधे के वितरण का यह अनूठा सेवा प्रकल्प 'मिशन 9000' शुरू किया गया है। इसके प्रथम चरण के अंतर्गत वर्ष 2027 में हर माह 1000 पौधों का वितरण करते हुए पूरे वर्ष में 9 से 12 हजार तुलसी के पौधे आगरा के विभिन्न मंदिरों, स्कूलों, कॉलोनियों और सार्वजनिक क्षेत्रों में वितरित किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रत

