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लाइक पाने के लिए कार की डिग्गी में बैठे मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ का वीडियो वायरल वीडियो

2 6 घंटे पहले

कालिंदी विहार में बच्चों की जान से खिलवाड़
कुछ लाइक्स... कुछ व्यूज़... और सोशल मीडिया पर मशहूर होने की कोशिश... लेकिन अगर इसी कोशिश में किसी बच्चे की जान चली जाए तो जिम्मेदार कौन होगा?

आगरा के कालिंदी विहार से सामने आया एक वायरल वीडियो इसी गंभीर सवाल को खड़ा कर रहा है।

वीडियो में एक कार की खुली डिग्गी में तीन नाबालिग बच्चों को बैठाकर सड़क पर कार दौड़ती हुई नजर आ रही है।
सोचिए... जिन बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल, घर या किसी दूसरी जगह पहुंचाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं बच्चों को इस तरह जान जोखिम में डालकर सफर कराया जा रहा है।

कार की डिग्गी कोई सीट नहीं है... और सड़क पर सफर कोई स्टंट नहीं।

सड़क पर अचानक ब्रेक लग सकता है... सामने से कोई वाहन आ सकता है... कार का संतुलन बिगड़ सकता है या अचानक टक्कर हो सकती है।
ऐसी किसी भी स्थिति में डिग्गी में बैठे बच्चों के पास खुद को बचाने का लगभग कोई सुरक्षित रास्ता नहीं होगा।

यानी कुछ सेकंड की लापरवाही किसी मासूम की पूरी जिंदगी बदल सकती है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए बच्चों की सुरक्षा को दांव पर लगाने की जरूरत क्यों पड़ती है?

आज सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज़ पाने की होड़ लगातार बढ़ रही है। लोग अलग-अलग तरह के वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की कोशिश करते हैं।
लेकिन जब इसी होड़ में बच्चों को खतरनाक तरीके से वाहन में बैठाया जाए, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बन जाता है।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने भी संज्ञान लिया है।
वाहन नंबर के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।

अब जरूरत सिर्फ कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं से सबक लेने की भी है।

माता-पिता और वाहन चालकों को समझना होगा कि बच्चे कोई स्टंट का हिस्सा नहीं हैं।
उनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

बच्चों को कभी भी कार की डिग्गी, खिड़की, छत या किसी दूसरे असुरक्षित हिस्से में बैठाकर सफर न कराएं।
वाहन में बच्चों को हमेशा सुरक्षित सीट पर और उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही यात्रा कराएं।

क्योंकि सड़क पर आपकी एक छोटी सी सावधानी किसी बच्चे की जिंदगी बचा सकती है।

और आखिर में एक सवाल आपसे भी...

क्या कुछ लाइक्स और व्यूज़ इतने जरूरी हैं कि उनके लिए मासूमों की जिंदगी को खतरे में ड

Bindu Vistaar
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