यमुना में बोरे में मिला आगरा की विशाखा का शव, आरोपी लेखपाल गिरफ्तार
शव ठिकाने लगाने का आरोप, विशाखा की मौत पर पुलिस जांच जारी
आगरा से लापता 26 वर्षीय विशाखा ओझा का शव इटावा में यमुना नदी से बोरे में बंद मिला... मामले में फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है... लेकिन विशाखा की मौत कैसे हुई, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है। मामला आगरा के एमएम गेट थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां रहने वाली विशाखा 30 सितंबर से लापता थी। परिवार ने उसकी तलाश की और थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। करीब एक सप्ताह बाद मंगलवार को इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में मिहौली गांव के पास यमुना किनारे बोरे में बंद युवती का शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान विशाखा के रूप में की।
जांच के दौरान फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि विशाखा उसके कमरे पर आई थी और शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, इसी दौरान विशाखा ने फांसी लगा ली। उसका दावा है कि मौत के बाद वह घबरा गया और शव को अपनी कार में रखकर इटावा ले गया, जहां बोरे में बंद कर यमुना नदी में फेंक दिया।
हालांकि, यह आरोपी का पक्ष है। विशाखा की मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्षों के आधार पर स्पष्ट होगी।
दूसरी तरफ, विशाखा के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पिता विजय ओझा का दावा है कि वर्ष 2017 में यमुना से रेत खनन को लेकर शिकायत करने के बाद उनके परिवार और आरोपी पक्ष के बीच रंजिश हो गई थी। परिवार को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते उनकी बेटी को निशाना बनाया गया।
परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आखिर विशाखा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं—इसका जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

