35 साल से लगातार कर जल योग ,'जल योगी' हरीश चतुर्वेदी का पानी में अनोखा योग
आगरा।21 जून को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। आपने लोगों को पार्क, मैदान और योग केंद्रों में योग करते देखा होगा, लेकिन आगरा में एक ऐसे योग साधक हैं जो पानी के बीच योग करते हैं। पिछले 35 से 40 वर्षों से एडवोकेट हरीश चतुर्वेदी 'जल योग' की अनूठी साधना कर रहे हैं।
आगरा के रहने वाले एडवोकेट हरीश चतुर्वेदी पिछले करीब 35 से 40 वर्षों से जल में योग कर रहे हैं। चंबल क्षेत्र से जुड़े हरीश चतुर्वेदी पहले चंबल नदी में तैराकी करते थे। इसी दौरान उन्होंने पानी में योग का अभ्यास शुरू किया, जो आज उनकी पहचान बन चुका है।
जल में शरीर का संतुलन बनाए रखते हुए हरीश चतुर्वेदी सूर्य नमस्कार, पद्मासन, पादहस्तासन, वज्रासन समेत करीब 35 से 40 योगासन सहजता से करते हैं। पानी के बीच उनका संतुलन और एकाग्रता देखने वालों को हैरान कर देती है।
हरीश चतुर्वेदी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया योग दिवस मना रही है। हालांकि उनका मानना है कि 'जल योग' को अभी वह पहचान नहीं मिल पाई है, जिसकी वह हकदार है।
उनकी यह अनोखी योग साधना न सिर्फ लोगों को आकर्षित करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि योग किसी भी परिस्थिति में किया जा सकता है, यदि मन में समर्पण और अभ्यास हो।
पानी की सतह पर संतुलन बनाकर कठिन योगासन करना आसान नहीं है, लेकिन हरीश चतुर्वेदी ने वर्षों की साधना से इसे अपनी पहचान बना लिया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उनका यह अनूठा 'जल योग' लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

